15.1 C
Delhi

Amarnath Cave | क्या है अमरनाथ गुफा का भ्रमजाल?

जरूर पढ़े!

DG
जो धर्म डराए, जो किताब भ्रम पैदा करे, उसमें शिद्दत से सुधार की जरूरत है!

कहते हैं कि सच हमेशा कड़वा होता है। स्वामी अग्निवेश ने एक बार कहा था कि अमरनाथ गुफा का भ्रमजाल और उसके शिवलिंग का सच यह है, कि Amarnath Cave में बनने वाला बर्फ का पिंड कोई Shivling नहीं है। वह तो एक सीधी-सादी वैज्ञानिक तौर पर समझने वाली चीज़ है। पढ़ते रहिए यहां Amarnath Yatra के बारे में!

Amarnath Yatra | अमरनाथ यात्रा

भारत में जो धार्मिक यात्राएं की जाती हैं उन में Amarnath Yatra सबसे दुर्गम और कठिनाईयों से भरा सफर माना जाता है। इसी कारण से अमरनाथ यात्रा से पूर्व न केवल रजिस्ट्रेशन कराए जाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य की जांच भी की जाती है। कुछ बीमारियों से ग्रस्त लोगों को यह यात्रा न करने की सलाह दी जाती है।

Pahalgam to amarnath Distance

Amarnath Yatra Distance
जम्मू से 315 किलोमीटर की दूरी पर पहलगाम में Amarnath Gufa स्थित है।
कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से Amarnath Temple की दूरी करीब 135 किमी है।

कुछ रोचक का तथ्य

  • Amarnath Temple समुद्रतल से 13,600 फुट की Height पर स्थित है।
  • Amarnath Temple की परिधि लगभग डेढ़ सौ फुट बताई गयी है।
  • गुफा की ऊंचाई 11 मीटर, लंबाई 19 मीटर और चौड़ाई 16 मीटर बताई गयी है।
  • गुफा में ऊपर से प्राकृतिक रूप से बर्फ की बूंदें टपकती हैं, जो लगभग 10 फुट लंबे ठोस बर्फ के पिंड का निर्माण करती हैं।

बर्फ के पिंड (Amarnath Shivling) को आस्था से वशीभूत लोग देखने के लिए दुर्गम यात्रा करते हैं। जिसे ‘दर्शन’ नाम दिया जाता है। अब सीधी सी बात है कि तीन तरफ से बंद Amarnath Cave में बताई गयी Height से इतने कम तापमान पर छत से पानी टपकेगा तो द्रव्यमान की वजह से पिंड के रूप में जमेगा ही। उस में (Miracle) चमत्कार जैसा क्या है? कुछ भी नहीं है। लेकिन यहां ये समझना कौन चाहता है!

उसकी पूजा करना, हर साल Amarnath Yatra के दौरान कई लोगों का मर जाना, यात्रा के लिए सेना तैनात करना (Blind faith) अंधविश्वास और फिजूलखर्ची नहीं तो क्या है?

स्वामी अग्निवेश ने अमरनाथ गुफा के भ्रमजाल का सच बता दिया तो उनके इतना बोलते ही हिंदुत्व के नाम पर बच्चों और युवाओं को मूर्ख बनाने वाले मठाधीश सक्रीय हो गये स्वामी अग्निवेश का गला काट कर लाने वाले को दस लाख रूपये के इनाम की घोषणा कर दी गई। स्वामी अग्निवेश के खिलाफ एफआईआर की झड़ी लग गई। दो-दो जिला अदालतों ने उनके खिलाफ वारंट निकाल दिया।

ठीक वैसे ही जैसे ब्रूनो ने कहा था कि बाइबिल में गलत लिखा है, कि सूर्य पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर नहीं लगाता है, सच यह है कि पृथ्वी ही सूर्य के चारो ओर घूमती है। इस बात पर चर्च के पादरियों ने ब्रूनों को जिंदा जला दिया था।

आज भारत में ईसाईयों की इस बात के लिए आलोचना की जाती है। लेकिन ये खुद (Blind faith) अंधविश्वास में डूबे रहकर सच बोलने वाले का गला काटने की घोषणा करने में गर्व महसूस करते हैं। अजीब है न?

Amaranth-Shivling
Like Amarnath Cave Shivling

अमरनाथ गुफा (Amarnath Cave) से बड़ी गुफाएँ अन्य देशों में भी है, लेकिन वहाँ के लोग उसे Shivling समझ कर पूजा नहीं करते। ना कोई इसका वैज्ञानिक तथ्य बताने वाले का गला काटने पर इनाम की घोषणा करता है। या तो बच्चों की पढ़ाई में से विज्ञान निकाल दो, या वैज्ञानिक तर्क रखने वालों की हत्या करने की घोषणा करना बंद कर दो।

अगर मूर्ख, ज़ाहिल और क्रूर ही बने रहना है और खून बहाना है। तो कम से कम बच्चों को तो अपनी इस सोच से आज़ाद कर दो, इन्हें तो अक्ल की बात सीख कर दुनिया को बेहतर बनाने का मौका दो।

- Advertisement -

More articles

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -