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क्या हम सुपर-ह्यूमन बनने के करीब हैं?

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Blogger DG
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जो धर्म डराए, जो किताब भ्रम पैदा करे, उसमें शिद्दत से सुधार की जरूरत है!
क्या हम सच में “The Singularity” से सिर्फ कुछ क्षण दूर हैं? हम उस आने वाले कल की बात कर रहे हैं, जो मानव विकास में एक नए युग की शुरूआत करेगा। वह ऐसा तकनीकी युग होगा, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते?

What is Singularity?

तकनीकी विकास (Technological Singularity) एक ऐसी अवस्था या दौर को कहते हैं, जहां पर तकनीकी विकास अनियंत्रित और अपरिवर्तनीय हो जाता है। जो अकल्पनीय गति से बढ़ने लगता है, जिसके फलस्वरूप मानव सभ्यता में अप्रत्याशित परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।

बौद्धिक क्षमता में ऐसे विस्फोट कही जाने वाली विलक्षणता की परिकल्पना के सबसे लोकप्रिय विचार के अनुसार, एक उन्नत बुद्धिमान कृत्रिम मस्तिष्क विकास के एक ऐसे बिंदु पर पहुंच जाएगा, जब उसकी बौद्धिक क्षमता मानव से कहीं अधिक हो जाएगी, तब वह अपने से भी अधिक विकसित एवं बुद्धिमान कृत्रिम मस्तिष्क का निर्माण बेहद कम समय में कर लेगा।

वैज्ञानिकों की मानें तो यह हमारा आखिरी मानव आविष्कार होगा, और हो सकता है कि उसके बाद हमें किसी अन्य आविष्कार करने की आवश्यकता ना पड़े। इसका इस्तेमाल मानव मस्तिष्क को इस कृत्रिम मस्तिष्क मैं डाउनलोड करके मनुष्य को अमर बनाने के लिए भी किया जा सकता है। वैज्ञानिकों की माने तो इसके होने की पूर्ण संभावना 2040 से 2050 के बीच है।

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इसे अब यहां से समझना शुरू करिए कि सही मायनों में तकनीक के सही समय की शुरुआत अभी बस कुछ दिनों पहले से शुरू हुई है। आने वाला कल बेहद अलग तरह का होने वाला है। आगे का समय तकनीक और Artifical Intelligence का है। उस दौर में कामयाब वही होगा जो इन चीजों के साथ तालमेल बैठा कर, अपने परंपरागत अड़ियल रवैये को छोड़ने के लिए तैयार होगा। वक्त के साथ अपडेट होती हर नई चीज का विरोध नहीं, बल्कि उन्हें समझने, सीखने और इस्तेमाल करने की जरूरत होती है।

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