होमो सेपियन्स कौन थे?

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Ashfaq Ahmad
कलमघसीट आदमी हूँ जिसने जिंदगी में अगर कोई चीज़ ढंग से सीखी है तो बस यही है!
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Homo sapiens | होमो सेपियन्स मानव विकास यात्रा

पिछले कई हजार सालों से हम अपनी प्रजाति को देखने के आदी हो चुके हैं। अब यह कल्पना करना भी कठिन है कि पृथ्वी पर कभी मनुष्यों की और भी प्रजातियां रहा करती थीं। जबकि पूर्व अफ्रीका में होमो सेपियन्स (Homo Sapiens) नाम की जिस प्रजाति का उद्भव हुआ, उसने अफ्रीका से निकल कर पूरे वैश्विक पटल पर अपना वर्चस्व कायम कर लिया था जिससे बाकी प्रजातियों का वजूद ही मिट गया था।

तब से हम अकेली प्रजाति हैं और बड़े आराम से शुरुआती मानवों के रूप में मनु-शतरूपा, आदम-हव्वा टाईप कल्पना को गढ़ लेते हैं और आंख बंद कर के उन पर यकीन भी कर लेते हैं लेकिन ज़रा सोचिये कि अगर वे विलुप्त हुई प्रजातियां भी सर्वाइव कर लेती तो इन कहानियों का क्या होता? फिर इन आदिम जोड़ियों की पहचान क्या होती? किस हिसाब से मरने के बाद वाली कहानियाँ गढ़ी जातीं और पुनर्जन्म की अवधारणा फिर इन प्रजातीय सीमाओं में बंधी होती या आत्मा होमो सेपियन्स (Homo Sapiens) से निकल कर डेनिसोवा और उससे निकल कर Neanderthals की भी सैर कर रही होती और सभी प्रजातियां क्या एक जैसे ईश्वरीय कांसेप्ट पर यकीन कर रही होतीं?

Homo sapiens से भी पहले के अतीत में Homo erectus ने खेली थी सबसे लंबी पारी

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