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जानिए ब्रह्मांड कैसे काम करता है?

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Ashfaq Ahmad
Ashfaq Ahmad
कलमघसीट आदमी हूँ जिसने जिंदगी में अगर कोई चीज़ ढंग से सीखी है तो बस यही है!

मैं जानता हूँ कि समझाने के लिहाज से कि ब्रह्मांड कैसे काम करता है? और Design of the universe बहुत जटिल चीज है, इसे 3D Model के बिना, सिर्फ इससे संबन्धित जानकारी लिख कर या Photo या Video के माध्यम से समझा पाना बहुत कठिन काम है, लेकिन आप चाहें तो How the universe works in Hindi? में इसे समझने के लिए हमारे साथ एक कोशिश कर सकते हैं।

How the universe works in hindi?

How the universe works? इस प्रश्न से ब्रह्माण्ड को भली-भांति समझने के लिये सबसे पहले आपको यह समझना पड़ेगा कि इस Universe में जो कुछ भी हम देख, महसूस या Detect कर पाते हैं वह सब ऑर्डिनरी मैटर है। अगर हम किसी Earth जैसे पिंड पर हैं, तब Atoms के रूप में यह हर दिशा में है। एक सुई की नोक जैसी जगह भी इससे खाली नहीं है।

ब्रह्मांड कैसे काम करता है हिंदी में समझें तो आप अपने दोस्त के साथ खड़े हैं तो आपको दूरी के हिसाब से अपने और उस दोस्त के बीच जो खाली जगह दिखाई देगी वह भी ब्रह्माण्ड का हिस्सा है।

ब्रह्मांड में खाली जगह क्यों नहीं है?

ब्रह्मांड कैसे काम करता है? इस बारे में जाने तो यूं समझिए कि Universe में कोई भी जगह खाली नहीं है। इसमें Nitrogen, Oxygen, Carbon Dioxide जैसी गैसों के खरबों परमाणु (Trillions Atom) मौजूद होते हैं, जिन्हें आप हवा के रूप में देखते हैं। इसी के जरिये हम श्वसन करते हैं। जब आसमान की तरफ देखते हैं तो आपको बिलकुल खाली जगह दिखाई देती होगी। लेकिन यह खाली जगह भी Trillions Atom से भरी है जिसकी वजह से वातावरण बनता है यह वातावरण ही है जिसकी वजह से पृथ्वी पर जीवन संभव होता है, आप सांस ले पाते हैं, बोल पाते हैं। बगैर वातावरण आप कुछ नहीं हैं लेकिन इस वातावरण की एक सीमा होती है।

Design of the universe
Design of the universe

ब्रह्मांड में 95% जो फैला है, वह क्या है?

उसके बाद खाली Space है। यह Universe जो आप देखते जानते हैं इसमें खरबों Galaxies हैं और हर Galaxy में अरबों-खरबों तारे, ग्रह, उपग्रह हैं। लेकिन जो Universe का साइज़ है, उसके हिसाब से यह सारा ऑर्डिनरी मैटर इसका पांच पर्सेंट भी नहीं है। फिर बाकी क्या है? जो 95% के लगभग फैला है? इसकी कोई विजिबल पहचान नहीं है, न इसे डायरेक्ट डिटेक्ट किया जा सका है लेकिन अपनी सुविधा के लिये हमने इसे Dark Matter/Dark Energy की संज्ञा दे रखी है।

Dark Matter व Dark Energy होने का सबूत क्या है?

अब ये सवाल जरूर उठेगा कि How the universe works in hindi? में इसके होने न होने का सबूत क्या है? तो इसे यूं समझिये कि एक चकरी सी है जिसमें मौजूद दाने बहुत कमजोर से धागे से बंधे हैं और इसे तेज गति से नचा दीजिये… आप पायेंगे कि कुछ ही पलों में यह धागा टूट गया और दाने बिखर गये।

इसी चीज को Galaxy पे अप्लाई कीजिये, यहां कोई धागा नहीं है लेकिन यह तूफानी गति से घूम रही हैं… कायदे से तो यह होना चाहिये कि Galaxies के सोलर सिस्टम्स को इस गति से घूमते हुए दूर-दूर छिटक जाना चाहिये क्योंकि इसके अंतिम सिरे आपस में जुड़ कर कोई गोल शेप नहीं बनाते कि सपोर्ट मिलता रहे, बल्कि वे खुले होते हैं तो इन्हें गोल घूमने पर बिखर जाना चाहिये…

Galaxies कैसे अपना आकार बनाए रखती हैं?

लेकिन यह Galaxies नहीं बिखरती, बल्कि यह लगातार अपना आकार बनाए रखती हैं तो यह कैसे संभव है? क्या चीज है जो इन्हें बांध कर रखती है.. इसी चीज को Dark Matter के रूप में जाना गया। इसके साथ यह चीज जानकारी में आई कि ऐसा नहीं है कि यह कोई हाल जैसी जगह है जहां बस हर तरफ Galaxy ही Galaxy हैं..

बल्कि यह एक क्रम में हैं जैसे किसी एक पेड़ की शाख पर ढेर सी फूलदार टहनियां उगी हैं या कहीं एक फूलदार गुच्छा उगा हुआ है। इस चीज को समूह (Cluster) के रूप में देखा गया। इनके बीच में तमाम जगह खाली Space है जैसे आप पेड़ की शाखाओं के मध्य ही देख सकते हैं… इस खाली Space को वायड कहते हैं।

Brahmaand की सबसे बड़ी भागीदार है Dark Energy

बहरहाल अब इन Galaxies को बांधे इस सारे Dark Matter को भी अगर काउंट करते हैं तो भी यह छब्बीस-सत्ताईस प्रतिशत ही निकलता है तो बाकी बचे हिस्से में क्या है.. यह कोई ऐसी Energy है जो इस पूरे पेड़ को गुब्बारे की तरह हवा भर के फुला रही है.. इसे Dark Energy के रूप में जाना गया। यह Universe की सबसे बड़ी भागीदार है लेकिन कड़वा सच यह है कि हम इसके बारे में कुछ भी नहीं जानते.. बस Math की तरह ही हमने इसे Suppose कर रखा है।

Dark Matter व Dark Energy को समझने के लिए एक प्रयोग

Universe के Dark Matter व Dark Energy को इस सस्ते-मद्दे Model से समझने के लिये एक ऐसा कोई छोटा सा पेड़ बनाईये जो हवा मिलने पर खुद भी कुछ हद तक फूले.. फिर किसी Transparent गुब्बारे में रख दीजिये और गुब्बारे में हवा भरते उसे फुलाते चले जाइये। गुब्बारा फूलता चला जायेगा तो उससे आधी गति से ही सही पर पेड़ भी फूलता चला जायेगा और उसके बढ़ने के साथ उसकी वे शाखाएँ, फूल, पत्तियाँ जो पहले आसपास थीं, वे एक दूसरे से बिना मिले ही दूर होते जायेंगे।

अब समझिये कि यह फूल पत्तियां Cluster और Galaxies हैं, उन्हें बांधे रखने वाली पेड़ की शाखें Dark Matter है और गुब्बारे में भरती हवा Dark Energy है। बिना चले ही आकार वृद्धि की वजह से फूल पत्तियों का एक दूसरे से दूर होते चले जाना Universe का एक्सपैंशन है.. और हां, आपका Model फिर भी एक जगह स्थिर है लेकिन Universe में कुछ भी स्थिर नहीं बल्कि हर चीज गति कर रही है।

2021 में Sterile Neutrino नहीं मिला

वैज्ञानिक इस कण की खोज लंबे समय से कर रहे थे। क्योंकि एक परिकल्पना के अनुसार Sterile Neutrino पदार्थ की मूलभूत इकाई हो सकती है। इसे लेकर ज़बर्दस्त खोज की कोशिशें एक बार फिर व्यर्थ चली गयी।वैज्ञानिकों का पुराना सवाल How the universe works? अभी अनसुलझा ही रह गया। अब ब्रह्मांड के जन्म की व्याख्या करने के लिए इससे भी दिलचस्प परिकल्पनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

How the universe works in hindi?

मैं जानता हूँ आप अपने इस प्रश्न का उत्तर ढूंढ रहे हैं। समझाने के लिहाज से कि ब्रह्मांड कैसे काम करता है? और Design of the universe बहुत जटिल चीज है, लेकिन इसे समझने के लिए यहां हमारे साथ एक कोशिश कर सकते हैं।

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