15.1 C
Delhi

Vitamin Zindagi | ज़िन्दगी की जंग के लिए जरूरी है!

जरूर पढ़े!

DG
जो धर्म डराए, जो किताब भ्रम पैदा करे, उसमें शिद्दत से सुधार की जरूरत है!

लेखक- Lalit Kumar बताते हैं कि विटामिन ज़िन्दगी एक किताब नहीं बल्कि एक जीवन है- एक ऐलान है कि एक इंसान परिस्थितियों से कैसे जीत सकता है। ज़िन्दगी की जंग जीतने के लिए Vitamin Zindagi जैसा कैप्सूल सभी के पास होना जरूरी है। यहां से आप Vitamin Zindagi Book PDF Download कर सकते हैं!

Vitamin Zindagi किताब में क्या है?

हम सब के अंदर ढेर सारा ऊहा-पोह है, हम भ्रमित हैं, हम भविष्य को लेकर डरे हुए और चिंतित हैं, हमें पता नहीं है कि हम यहाँ क्यों हैं? ढेर सारे सवाल हमारे ही इर्द गिर्द मकड़ी के जालों की तरह फैले हुए हैं, जिसका जवाब हम निरंतर खोज रहे हैं। जीवन में एक के बाद एक समस्याएँ आती रहती हैं। और आपको लगता है कि आपके ज़िन्दगी की समस्याएँ खत्म नहीं होंगी? तो क्या आप ज़िन्दगी से हार मान रहे हैं? जिस तरह शरीर को विभिन्न विटामिन चाहिए, उसी तरह मन को भी आशा, विश्वास, साहस और प्रेरणा जैसे विटामिनों की ज़रूरत होती है। लेखक- ललित कुमार इन सभी को मन-विटामिन कहते हैं। हमारा सामना समस्याओं, संघर्ष, चुनौतियों और निराशा से होता ही रहता है। ज़िन्दगी की जंग जीतने के लिए जरूरी है Lalit Kumar की ये किताब Vitamin Zindagi का होना।

विटामिन ज़िन्दगी की कुछ मार्मिक पंक्तियाँ

  • बैसाखियों पे सधी ज़िन्दगी
  • बैसाखियों पे बंधी ज़िन्दगी
  • बैसाखियों पे चली ज़िन्दगी
  • बैसाखियों से बनी ज़िन्दगी
  • बैसाखियों पे खड़ी ज़िन्दगी
  • बैसाखियों पे लड़ी ज़िन्दगी
  • बैसाखियों से बड़ी ज़िन्दगी

एक बच्चा जिसके दोनों पैर 4 साल की उम्र में ही पोलियो ग्रसित हो गये, कैसे जूझते हुए उसने हमारे समाज में अपना एक अहम मुकाम बनाया, यह किताब उसी की कहानी कहती है। जीवन में आने वाली तमाम चुनौतियों को लेखक ने किस तरह अवसर में बदला, यह उसी सकारात्मकता की कहानी है।


“बीमारी या दुर्घटना किसी व्यक्ति को शारीरिक रूप से विकलांग बना सकती है, लेकिन उसे अक्षम या अयोग्य हमारा समाज ही बनाता है!”

— Lalit Kumar, Founder of Evara Foundation

Vitamin Zindagi by Lalit Kumar
Vitamin Zindagi Cover Page

विटामिन ज़िन्दगी के कुछ संपादित अंश

“पहला चरण वह होता है, जब वायरस का हमला होता है, हमले से क्षतिग्रस्त माँसपेशियाँ काम करना बंद कर देती हैं, शरीर इस हमले से उबरने की कोशिश करता है और फिर अगले पंद्रह-बीस वर्ष “जो हो गया सो हो गया’ वाली स्थिति में गुज़रते हैं।”

“इसके बाद दूसरे चरण में माँसपेशियों की कमज़ोरी और अधिक बढ़ना शुरू होती है और फिर आगे बढ़ती ही चली जाती है। इसी दूसरे चरण को पोस्ट पोलियो सिन्ड्रोम कहा जाता है।”

“पोलियो के शिकार क़रीब 50% लोगों को Post Polio Syndrome (P.P.S.) का सामना करना पड़ता है। चूँकि P.P.S. का प्रमुख लक्षण माँसपेशियों की कमज़ोरी और थकान है, इसलिए इस स्थिति को पहचान पाना काफ़ी कठिन होता है।”

“यह तय करना मुश्किल होता है कि कमज़ोरी P.P.S. के कारण है या कोई अन्य बीमारी (या उम्र) माँसपेशियों को कमज़ोर कर रही है।”

“P.P.S. होने पर पीड़ित व्यक्ति को लगातार थकान रहती है, माँसपेशियाँ पहले जितना काम नहीं कर पाती और माँसपेशियों व जोड़ों में दर्द बना रहता है। P.P.S. प्रगतिशील है, यानी यह स्थिति समय के साथ और अधिक बिगड़ती है। इस समस्या का कोई इलाज नहीं है।”

“डॉक्टरों की सलाह केवल यह होती है कि शरीर को थकाया न जाए, ऐसे हल्के व्यायाम किए जाएँ जिनसे थकान न हो, संतुलित आहार लिया जाए, वज़न को बढ़ने से रोका जाए, और व्हीलचेयर जैसी चीज़ों का प्रयोग किया जाए।”
Lalit Kumar
Unusual Extraordinary-Lalit Kumar

असामान्य से असाधारण तक का सफ़र

मित्र Lalit Kumar का सफ़र ‘असामान्य से असाधारण’ तक का सफ़र है। पोलियो जैसी बीमारी ने उन्हें सामान्य से असामान्य बना दिया, लेकिन अपनी मेहनत और जज़्बे के बल पर उन्होंने स्वयं को साधारण भीड़ से इतना अलग बना लिया कि वे असाधारण हो गए। इसी सफ़र की कहानी समेटे यह किताब ज़िन्दगी के विटामिन से भरपूर है। इस किताब में सभी के लिए कुछ-न-कुछ है जो हमें हर तरह की परिस्थितियों का सामना करना सिखाता है।

आज कुछ अच्छा पढ़ना चाहते हैं तो विटामिन ज़िंदगी Mobile में Amazon Kindle पर पढ़ सकते हैं। या यहां से विटामिन जिंदगी बुक पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।

Paperback Edition या Kindle Ebook खरीदने के लिए यहां से जायें या फिर Vitamin Zindagi Book PDF Download in Hindi के लिए Direct download button पर Click करें।

E-Book TitleVitamin Zindagi
Country of OriginIndia
PublishereHindYugm
Paperback Published Date01 Jan 2019
AuthorLalit Kumar
LanguageHindi
Rating320
Paperback Price198.00
Paperback Page256 Page
Paperback Dimensions13.97 x 2.54 x 20.96 cm
Paperback Weight590 gram
PDF Size2.18 MB
Download Sourceindianpdf.com
PDF Download LinkAvailable
- Advertisement -

More articles

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -