38.1 C
Delhi
Criticismजानिए अल्लाह का भ्रमजाल क्या है?

जानिए अल्लाह का भ्रमजाल क्या है?

जरूर पढ़े!

Shakeel Prem
Shakeel Prem
इंसान बनने की प्रक्रिया में हूँ!

विश्व का दूसरा सबसे बड़ा Cult है Islam. इस पंथ के भ्रमजाल में फंसे लोग एक सर्वशक्तिमान को मानते हैं, जिसका नाम है अल्लाह (Allah). Who is Allah?

Who is the allah?

अल्लाह (Allah) के बारे में Islam का दावा है कि उसने ही यह कायनात बनाई वही इस Universe को चला रहा है वही है जो इंसानों की जिंदगी के अच्छे बुरे आमाल पर नज़र रखता है, इस भ्रमजाल को फैलाने के लिए दलील यह दी जाती है कि ऐसा उनके रसूल ने 1400 साल पहले बताया था।

Who is allah really?

यानि की अल्लाह (Allah) के भ्रमजाल को पुख्ता करने वाले सारे सबूत सिर्फ और सिर्फ एक आदमी की कहानी पर Based हैं जो 1400 साल पहले मर चुका है। आज 21वीं सदी में 6ठी सदी के एक आदमी की कही गई बकवासों के आधार पर आप अल्लाह पर यकीन रखते हैं, इसके अलावा Allah के होने का सबूत और कहीं नहीं है सुबूत के तौर पर यदि कुछ है तो 6ठी सदी की एक किताब।

किसी किताब के पन्नों में लिखी इबारतों में इतिहास ढूंढा जा सकता है लेकिन वर्तमान नहीं इसलिए वर्तमान की किसी बात को साबित करने के लिए किताबी सबूत मायने नहीं रखते!

आज अगर कोई अल्लाह (Allah) को मानता है तो इसका सीधा सा अर्थ निकलता है कि Allah वर्तमान में भी मौजूद है अब बाकी दुनिया यह कैसे माने कि लोग जिसे Allah नाम से पुकारते हैं वो आज सच में है भी या नहीं?

जब अल्लाह के भ्रमजाल पर सवाल उठते हैं! Who is Allah? तो बस एक ही जवाब सुनने को मिलता है कि कोई तो होगा जिसने यह कायनात बनाया है? लेकिन वह Allah ही है इसका क्या सबूत है? या कोई राम, कृष्ण, ब्रह्मा, यहोवा ही है यह भी तो निराधार बातें हैं।

जब सवाल ही गलत हो तो जवाब ढूंढते रहिये, कुछ हासिल नहीं होगा और यह सवाल ही गलत है कि कोई तो होगा जिसने यह कायनात बनाई?

सृष्टि में कभी भी कुछ नहीं बनता, प्रकृति में होने वाला हर इवेंट उससे पहले की किसी दूसरी घटना का परिणाम होता है इस तरह हम देखते हैं कि कायनात में कुछ भी बनता नहीं है बल्कि विकसित होता है जब बना ही नहीं तो बनाने वाला कहाँ से आ गया?

जैसे फल से बीज, बीज से पौधा, पौधे से पेड़, पेड़ से फल!

ठीक इसी तरह यह कायनात काम करता है कुछ Event के पीछे के Reason को हम समझ चुके हैं और कुछ कारणों को समझना अभी बाकी है, जिन घटनाओं के पीछे के कारणों को हम नही जानते उसके लिए यह मान लेना कि कोई अल्लाह (Allah) है, यह आपके दिमाग का दिवालियापन है। अब तक हमने अपने ज्ञान, विज्ञान, शोध और परीक्षणों से जो जाना है उसका निष्कर्ष यह है कि सृष्टि के बनने-बिगड़ने में Allah जैसे किसी भी काल्पनिक कैरेक्टर का कोई रोल नहीं। न ऐसा कोई विचित्र प्राणी कहीं है। सिर्फ आस्था के अलावा Allah को मानने की कोई ठोस वजह मुसलमानों के पास नहीं है यही बात तमाम मज़हबी खुदाओं पर भी लागू होती है।

लेकिन आज हम बात करेंगे सिर्फ Allah की। सबसे पहले हमें उस दावे की पड़ताल करनी होगी जिसके आधार पर Allah को साबित किया जाता है यानी कि एक आसमानी किताब इस किताब के आधार पर Allah की जो छवि सबके सामने निकल कर आती है उससे यह साबित होता है कि वह बहुत ही घमंडी जाहिल और जिद्दी है।

Who is allah in quran?

कुरान में वो बार-बार एक ही बात कहता है, कि हमने कायनात को 6 दिनों में बनाया। लेकिन कायनात बनाने से पहले ये 6 दिन उसने कैसे Decide किए, इसका उल्लेख क्यों नहीं किया? इससे साबित होता है कि या तो वो जाहिल है या दूसरों को मूर्ख बना रहा है। या फिर अल्लाह का ये दावा Allah के नाम पर अन्य धूर्त इंसानों की चालबाजी है।

कुरान में अल्लाह बता रहा है कि उसने इंसानों को क्यों बनाया? Allah ने इंसानों और जिन्नों को सिर्फ इसलिए पैदा किया ताकि दोनों उसके आगे गिड़गिड़ाते रहे। 7/94

अल्लाह की इस बयानबाजी से मालूम होता है कि यदि Allah है तो वह कितना क्रूर है उसे इंसानी जिंदगी की दुश्वारियों से कोई मतलब नहीं। इंसान द्वारा इंसान का शोषण या बलात्कार होता रहे। और वो देखता रहेगा।
उसे इस बात की चिंता है कि लोग उसके आगे रोते-गिड़गिड़ाते रहें बस।

वहीं आज तक जिन्न जैसा कोई प्राणी कहीं भी साबित नही हुआ। फिर कैसे माना जाए कि यह बात कायनात को बनाने वाले किसी अल्लाह ने कही है? जैसे जिन्न का वजूद सिर्फ फर्जीवाड़ा है उसी तरह Allah का आस्तित्व भी गल्प कहानियों के सिवा कुछ नहीं दोनों फर्जी कैरेक्टर किसी एक आदमी के दिमाग की उपज हैं।

किसी किताब की इन मनगढ़ंत बकवासों के आधार पर जब हम यह मान लेते हैं Allah ने कायनात बनाई तो सवाल उठता है कि Universe को बनाने से पहले Allah कहाँ था? और क्या कर रहा था?

कुल्हु अल्लाहु अहद…

यानी उसे किसी ने पैदा नही किया? इसका अर्थ यह है कि एक समय ऐसा भी था जब Allah तो था लेकिन पूरी कायनात का वजूद नही था यानी वह शून्य में कहीं तन्हा अकेला अटका हुआ था।

लेकिन जब हम अल्लाह की किताब में Allah के इतिहास को खंगालते है तो पता चलता है कि सृष्टि को बनाने से पहले उसका सिंहासन पानी पर था। 11/7

यानि कि आसमान और जमीन के Creation से पहले हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, ग्रेविटी और स्पेस वजूद में थे।

अब सवाल यह है कि इन तत्वों को किसने बनाया? यदि हम इस Myth पर यकीन कर लें कि कायनात के बनाने से पहले Allah का सिंहासन पानी पर था। इसका अर्थ है कि अल्लाह की ही तरह पानी भी कायनात से पहले मौजूद थी? और पानी बिना स्पेस के तो एसिस्ट करेगी नहीं इसका अर्थ है कि स्पेस भी पहले से मौजूद था पानी के ऊपर Allah के सिंहासन को स्थिर रखने के लिए ग्रेविटी की भी जरूरत होगी तो इसका अर्थ यह हुआ कि Allah के साथ ही हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, ग्रेविटी, स्पेस और टाइम यह सभी तत्व भी कायनात बनने के पहले से मौजूद थे।

तो फिर अल्लाह ने क्या बनाया?

Allah ने जमीन बिछाई और सात आसमान बनाये और पहाड़ों को ऊपर से गाड़ दिए ताकि वह इंसानों को लेकर लुढ़क न जाये? ये क्या बकवास है?

दरअसल Allah ने कुछ नही बनाया। लेकिन अल्लाह के नाम पर धूर्तों ने अपना भ्रमजाल फैला कर आपको ख़ूब मूर्ख बनाया है। तर्क की कसौटी पर अल्लाह नाम का कोई प्राणी आज तक साबित नहीं हुआ है, यह इंसानी भ्रम के सिवा और कुछ भी नही जब हम सदियों पुरानी अल्लाह मियां की गप्पबाजी पर यकीन कर लेते हैं तो Allah का दिमागी वायरस अपना काम शुरू कर देता है।

फिर उसकी किताब प्रासंगिक हो जाती है जिसमें लिखी जहालत भरी इबारतें इक्कीसवी सदी के इंसान को 1400 सदी पीछे ले जाकर अरब के रेगिस्तानों में भटकाना शुरू कर देती हैं यह सब सिर्फ इसलिए होता है कि हम अपनी कुंठाओं को सच मानकर इससे ज्यादा कुछ और जानना ही नहीं चाहते।

- Advertisement -

More articles

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisement -